
चंडीगढ़, 9 जून :
मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में बच्चों को भीख मांगने जैसी गंभीर सामाजिक बुराई से मुक्त कर उन्हें बेहतर भविष्य प्रदान करने के उद्देश्य से पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आज मगसीपा, सेक्टर-26, चंडीगढ़ में “प्रोजेक्ट जीवनजोत – भीख मांगने में शामिल बच्चों के बचाव एवं पुनर्वास” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। प्रोजेक्ट जीवनजोत के अंतर्गत अब तक 1163 बच्चों को रेस्क्यू कर शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जा चुका है, जो बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अपने संबोधन में डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि “प्रोजेक्ट जीवनजोत केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बच्चों को शोषण और मजबूरी के चक्र से बाहर निकालकर उन्हें नई संभावनाओं से जोड़ने का एक सामाजिक अभियान है।” उन्होंने कहा कि भीख मांगना किसी बच्चे की नियति नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक मजबूरियों का परिणाम है। ऐसे बच्चों को अवसरों और सुरक्षित वातावरण से जोड़ना पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
कैबिनेट मंत्री ने परियोजना की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि जुलाई 2024 से अब तक पूरे पंजाब में 2067 विशेष जांच एवं बचाव अभियान चलाए गए हैं, जिनके दौरान 1163 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। इसके अतिरिक्त 15 बच्चों के डीएनए परीक्षण करवाकर उन्हें उनके परिवारों से मिलाया गया। रेस्क्यू किए गए 409 बच्चों को शिक्षा से जोड़ा गया, 54 बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ दिया गया तथा 15 बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि भीख मांगने वाले बच्चे अक्सर शोषण, बाल श्रम, मानव तस्करी, नशे और आपराधिक गतिविधियों जैसे गंभीर खतरों का सामना करते हैं। इसलिए ऐसे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।






