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आरएसएस को पंजीकरण की जरूरत नहीं, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खडग़े को मोहन भागवत का जवाब

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खडग़े के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से पारदर्शिता की मांग किए जाने के बाद पैदा हुए नए राजनीतिक विवाद के बीच आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि संगठन को किसी पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। श्री भागवत ने आरएसएस को एक संगठन के रूप में पंजीकृत करने की मांगों का जवाब देते हुए कहा कि इस तरह की मांगें किसी वास्तविक कानूनी चिंता के बजाय राजनीति से प्रेरित हैं। केरल के त्रिशूर में आयोजित ‘संघ यात्रा के 100 वर्ष’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म पंजीकृत नहीं है। कई चीजें पंजीकृत नहीं हैं।

जिन्हें सरकारी धन की आवश्यकता होती है, उन्हें पंजीकरण कराना पड़ता है, लेकिन सरकार जानती है कि संघ अस्तित्व में है। श्री भागवत ने आरएसएस के गोपनीयता में काम करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संगठन की गतिविधियां खुले तौर पर संचालित होती हैं और जनता के सामने हैं। यह टिप्पणी श्री खडग़े द्वारा श्री भागवत को लिखे गए एक पत्र के बाद आई है। इस पत्र में श्री खडग़े ने आरएसएस को उसकी कानूनी स्थिति, वित्तीय स्थिति, संपत्तियों और कर अनुपालन को सार्वजनिक रूप से उजागर करने की चुनौती दी थी।

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