किसने अपलोड किया वीडियो, डिलीट करें, जस्टिस स्वर्ण कांता से बहस करते केजरीवाल की फुटेज पर हाई कोर्ट सख्त

नई दिल्ली
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत से रिक्यूजल याचिका खारिज होने के बाद अब वह जिरह करते वीडियो पर घिर गए हैं। आम आदमी पार्टी के मुखिया, इसके कई नेताओं, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और पत्रकार रवीश कुमार के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को सख्ती दिखाई और सभी वीडियो को डिलीट करने को कहा। अदालत ने यह भी पूछा है कि इस वीडियो को सबसे पहले अपलोड किसने किया? जस्टिस वी कामेश्वर राव और ज्सिटस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने कहा कि इस तरह की रिकॉर्डिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का उल्लंघन करती हैं और सोशल मीडिया पर इनकी अनुमति नहीं दी जा सकती।
अधिवक्ता वैभव सिंह की ओर से दायर याचिका पर अदालत ने अरविंद केजरीवाल, आप नेताओं, दिग्विजय सिंह और पत्रकार रवीश कुमार को नोटिस भी जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई अब छह जुलाई को होगी। पहले इस केस को जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस कारिया की पीठ के सामने सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन जस्टिस कारिया ने खुद को अलग कर लिया, तो दूसरी बेंच के सामने भेजा गया। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अदालत की अनुमति के बिना कार्यवाही की रिकॉर्डिंग और इनका प्रकाशन नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल की कार्यवाही को न सिर्फ रिकॉर्ड किया गया, बल्कि सोशल मीडिया पर पब्लिश भी किया गया।






