
तरनतारन के गुरु अर्जन देव सरकारी कालेज में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। कालेज की लाइब्रेरी में पिछले करीब 26 साल से काम कर रहे कर्मचारी तरसेम सिंह ने रविवार रात को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने 34 सेकेंड का एक वीडियो बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में मृतक ने अपनी मौत का जिम्मेदार कॉलेज के सुपरिंटेंडेंट जगतार सिंह को बताया है। मेरा नाम तरसेम सिंह है। मैं गुरु अर्जन देव सरकारी कालेज तरनतारन में एलए की ड्यूटी कर रहा हूं। आज तक मेरे काम को लेकर कोई शिकायत नहीं आई, हमेशा ईमानदारी से ड्यूटी की है। लेकिन पिछले एक साल से जगतार सिंह क्लर्क, जो पिछले महीने सुपरिंटेंडेंट बना है, उसने मुझे बहुत परेशान किया है। उन्होंने आरोप लगाया, कि जब उन्हें टाइफाइड बुखार हुआ और उन्होंने मेडिकल छुट्टी ली, तो उस समय सुपरिंटेंडेंट ने उनसे पांच हजार रिश्वत ली। इसके बाद जब उन्हें लोन के लिए एक कागज की जरूरत थी, तब भी पांच हजार लिए गए। तरसेम ने आगे कहा कि वह फिर एक महीने की मेडिकल छुट्टी पर थे।
उनके बच्चे छुट्टी का कागज देने कॉलेज आए लेकिन किसी भी कर्मचारी ने उनकी छुट्टी नहीं ली। उनकी 17 साल की बेटी को 4 बार छुट्टी का कागज लेकर वापस भेज दिया गया। वीडियो के आखिर में उन्होंने कहा, इस व्यक्ति ने मुझे इतनी टेंशन दी है, कि मैं परेशान हूं। मेरी मौत का जिम्मेदार यही व्यक्ति होगा। अगर मेरे परिवार को इंसाफ नहीं मिला तो मेरी लाश को कालेज में रखा जाए। जब तक इंसाफ नहीं मिलताए संस्कार न किया जाए। घटना के बाद परिवार ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सडक़ पर शव रखकर प्रदर्शन किया। तरसेम की पत्नी नीतू ने कहा, कि मेरे पति अच्छे भले नौकरी करते थे। जगतार सिंह उन्हें धमकियां देता था। कोई भी काम करवाने के लिए पांच हजार रुपए मांगता था। न देने पर बदली करवाने की धमकी देता था तनख्वाह नहीं डालता था और बिल नहीं बनाता था। मामले पर एएसआई मलकीत सिंह ने कहा, कि गुरु अर्जन देव जी कॉलेज में पीएन तरसेम सिंह की मौत की सूचना मिली थी। परिवार की शिकायत पर जांच कर रहे हैं।




