गांव का देसी फ्रिज, क्या आप जानते हैं पानी के मटके पर गीली बोरी या कपड़ा क्यों लपेटते हैं?

देश में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी के इस मौसम में ठंडा पानी पीना हर किसी को अच्छा लगता है। वैसे तो आजकल लोग ठंडे पानी के लिए फ्रीज का उपयोग करते हैं। लेकिन कई लोग आज भी ठंडे पानी के लिए मटके का इस्तेमाल करते हैं। मटका सदियों से ठंडे पानी के लिए सबसे बेहतर और इससे शरीर के लिए कोई नुकसान नहीं पहुंचता। मिट्टी के घड़े में रखा ठंडा पानी सबको अच्छा लगता है। गांव में कई लोग आज भी मटके का पानी इस्तेमाल करते हैं। कई लोग मटकों में पानी भरकर बाहर रास्ते के किनारे रखते हैं ताकि आने जाने वाले लोग भीषण गर्मी के बीच ठंडा पानी पी सकें।
गांव में अक्सर आपको किसी न किसी चौराहे या रास्ते के किनारे ऐसे पानी से भरे रखे मटके रखे दिख जाएंगे। लोग भी इन मटकों से ठंडा पानी पीकर अपनी प्यास बुझाते हैं। आपने देखा होगा कि कई बार इन मटकों पर एक गीली बोरी या कपड़ा भी लपेटा हुआ होता है। क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है। अगर नहीं जानते तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर ऐसा क्यों करते हैं।बता दें कि मट्टी का घड़े में खुद ही पानी को ठंडा रखने की खासियत होती है। मिट्टी के घड़े में छोटे-छोटे छेद होते हैं, जिनसे पानी धीर-धीरे बाहर निकलता है और फिर हवा के संपर्क में आकर सूख जाती है। इस प्रोसेस को वाष्पीकरण कहते हैं। जब पानी वाष्प बनकर उड़ता है तो वह अपने साथ गर्मी भी ले जाता है, जिससे घड़े के अंदर का पानी ठंडा हो जाता है।
मटके पर क्यों लपेटते हैं गीली बोरी या कपड़ा?
अब बात आती है घड़ों के बाहर लपेट गए उस कपड़े या बोरी की। तो इसका कारण है ठंडक को और ज्यादा बढ़ाना। जब आप घड़े पर गीला कपड़ा या बोरी लपेट देते हैं तो वह कपड़ा लगातार पानी को सोखता रहता है और धीरे धीरे सूखता है। इससे वाष्पीकरण की प्रक्रिया और तेज हो जाती है। यानी जितना अधिक वाष्पीकरण होगा, उतनी ही ज्यादा ठंडक होगी, यानि घड़े का पानी और अधिक ठंडा हो जाएगा।इसके अलावा गीला कपड़ा या बोरी घड़े गो सीधी धूप से भी बचाता है। गर्मियों की तेज धूप घड़े को गर्म कर सकती है, जिससे पानी की ठंडक कम हो जाती है, लेकिन जब घड़े में कपड़ा या बोरी लपेट दी जाती है तो वह एक तरह से धूप से ढाल का भी काम करता है और घड़े के अंदर पानी की ठंडक बनी रहती है।
वैसे घड़े का पानी पीना स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह बॉडी टेंपरेचर को बैलेंस रखता है और बहुत ज्यादा ठंडा नहीं होता, जिससे गर्मियों में गले में खराश या सर्दी जुकाम का खतरा कम हो जाता है। वहीं, दूसरी ओर फ्रिज का पानी अधिक ठंडा होने के चलते कई बार हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक भी साबित हो जाता है।






