
चंडीगढ़, 5 मई:
पंजाब में 3 मई की सुबह आए भीषण तूफान के बाद बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने आज पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नुकसान का आकलन करने, बहाली प्रयासों की समीक्षा करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए तैयारी की रूपरेखा तैयार करने हेतु एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में पीएसपीसीएल के चेयरमैन, निदेशक, मुख्य अभियंता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। स्थिति की व्यापक समीक्षा से पता चला कि तूफान से मोहाली, पटियाला, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर और गुरदासपुर जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि 66 केवी ट्रांसमिशन नेटवर्क बड़े स्तर पर सुरक्षित रहा, लेकिन वितरण ढांचे को काफी नुकसान हुआ। लगभग 1300 (11 केवी) फीडर खराब हो गए, करीब 1500 बिजली के खंभे टूट गए, 300 से अधिक ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए और 70 किलोमीटर से अधिक एचटी/एलटी लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं। इसके अलावा 220 केवी का एक ट्रांसमिशन टावर भी क्षतिग्रस्त हुआ। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में बिजली कटौती तीन गुना अधिक रही, जिससे लगभग 8 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ।
बिजली मंत्री ने पीएसपीसीएल की टीमों के तत्पर और समन्वित प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दिन-रात काम किया। उल्लेखनीय है कि पूरे पंजाब में 83,000 से अधिक शिकायतों का निपटारा किया गया, जिनमें से लगभग 70% शिकायतें केवल दो घंटे के भीतर ही हल कर दी गईं, जबकि शेष मामलों में बड़े बुनियादी ढांचे की क्षति शामिल थी, जिनके लिए अधिक समय की आवश्यकता थी।
पीएसपीसीएल की निरंतर निगरानी, रियल-टाइम समन्वय और व्यापक फीडर गश्त के कारण 24 घंटे के भीतर सभी प्रभावित क्षेत्रों में मुख्य नेटवर्क या वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से बिजली आपूर्ति सफलतापूर्वक बहाल कर दी गई। सिस्टम को और स्थिर बनाने के लिए क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली को प्राथमिकता दी जा रही है।






