
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आते ही राज्य एक बार फिर चुनावी हिंसा की आग में झुलस उठा है। कोलकाता से लेकर आसनसोल और बीरभूम तक हिंसा की खबरें सामने आई हैं। इस खूनी हिंसा में पिछले 24 घंटों के दौरान चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में भाजपा और टीएमसी के दो-दो कार्यकर्ता हैं। विपक्षी दलों और सत्ता पक्ष के बीच बढ़ती रंजिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे पूरे राज्य में दहशत का माहौल है। दक्षिण और उत्तर बंगाल के कई जिलों से बमबारी और हिंसक झड़पों की खबरें सामने आई हैं। कोलकाता के न्यू मार्केट में मंगलवार रात भीड़ ने टीएमसी के पार्टी ऑफिस को बुलडोजर से गिरा दिया। बीरभूम और मुर्शिदाबाद में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प हुई। कच्ची सडक़ों पर बम फेंके जाने की घटनाओं से गांव के लोग घर छोडऩे को मजबूर हुए।
आसनसोल में नतीजों के तुरंत बाद स्थिति अनियंत्रित हो गई। यहां टीएससी के एक क्षेत्रीय कार्यालय को प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया और उसमें आग लगा दी। दफ्तर के भीतर रखा फर्नीचर और महत्त्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए। घटना के समय इलाके में भारी पथराव भी हुआ, जिससे कई लोग घायल हो गए। पुलिस की भारी मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ, तो सुरक्षाबलों को स्थिति पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। मंगलवार देर रात उत्तर 24 परगना जिला के नैजाट इलाके में हिंसक झड़प के दौरान पुलिस पर फायरिंग की गई, जिसमें पांच जवान घायल हो गए। घटना नैजाट थाने के राजबाड़ी इलाके में हुई, जहां दो गुटों के बीच झड़प की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी।






