पंजाब

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत के अपनी तरह के पहले 1,116 करोड़ रुपए की लागत वाले वर्धमान-आईची स्टील फोर्जिंग प्लांट का नींव पत्थर रखा, 500 युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार

लुधियाना; 27 जुलाई2026*

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जापान की आईची स्टील की भागीदारी के साथ वर्धमान स्पेशल स्टील्स द्वारा स्थापित किए जा रहे देश के अपनी तरह के पहले 1,116 करोड़ रुपए के फोर्जिंग और मशीनिंग यूनिट का नींव पत्थर रखा। उन्होंने इसे पंजाब के औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में बड़ा प्रोत्साहन बताया। यह प्रोजेक्ट 500 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार प्रदान करेगा।

 

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि वर्धमान-आईची के प्रोजेक्ट के भविष्य के विस्तार से अन्य 2,000 लोगों के लिए नौकरियों के अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनियों द्वारा पंजाब के अनुकूल औद्योगिक माहौल को देखते हुए निवेश को 500 करोड़ रुपए के शुरुआती समझौते से बढ़ाकर 1,116 करोड़ रुपए किया गया है, जो राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। यह प्लांट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए उच्च-मूल्य वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स का निर्माण करेगा, जबकि पंजाब की नई औद्योगिक नीति ‘सिंगल-विंडो, सिंगल-पेन’ प्रणाली के माध्यम से 45 दिनों के अंदर सभी मंजूरियों को सुनिश्चित करती है।

 

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह प्रोजेक्ट पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र के लिए नए युग की शुरुआत है। यह राज्य के आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ 500 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार प्रदान करेगा। वर्धमान न केवल अग्रणी औद्योगिक समूह है, बल्कि पंजाब की विकास गाथा का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है, जो लगभग चार दशकों से राज्य में काम कर रहा है। वर्धमान और आईची स्टील के बीच भागीदारी भरोसे, प्रौद्योगिकी और लंबे समय के दृष्टिकोण पर आधारित है।”

 

मुख्यमंत्री ने कहा, “आईची स्टील मान्यता प्राप्त जापानी कंपनी है और टोयोटा ग्रुप की महत्वपूर्ण सप्लायर है। दिसंबर 2025 में हमारी जापान यात्रा के दौरान हमने नागोया में आईची स्टील की लीडरशिप से मुलाकात की थी। उस समय वर्धमान और आईची स्टील ने पंजाब में लगभग 500 करोड़ रुपए के निवेश के साथ मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने की संभावनाओं के लिए समझौता किया था। आज कुछ ही महीनों के अंदर इस समझौते को अमली रूप दे दिया गया है। यह नीति को अमल में लाने और प्रतिबद्धता को हकीकत में बदलने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। दो चरणों में लगभग 1,100 करोड़ रुपए का नियोजित निवेश किया जाना है।”

 

प्रोजेक्ट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह प्रोजेक्ट पंजाब में जापानी आधुनिक फोर्जिंग प्रौद्योगिकी लाएगा और भारत के साथ-साथ यूरोप, आसियान देशों, अफ्रीका और मेक्सिको के बाजारों के लिए उच्च-मूल्य वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स का निर्माण करेगा। पंजाब न केवल विशेष स्टील का उत्पादन करेगा बल्कि तैयार पार्ट्स का निर्माण भी करेगा। यह बुनियादी निर्माण से उच्च-मूल्य वाले निर्माण की ओर महत्वपूर्ण बदलाव है और इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट्स तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के मुख्य केंद्र के रूप में लुधियाना की स्थिति को और मजबूत करेगा।”

 

राज्य के औद्योगिक ढांचे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह निवेश पंजाब के कुशल श्रमिकों, वर्क कल्चर और औद्योगिक क्षमता में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के विश्वास को दर्शाता है। ‘पंजाब इंडस्ट्रियल एंड ट्रेड डेवलपमेंट पॉलिसी 2026’ 24 क्षेत्रीय नीतियों के माध्यम से सहायता प्रदान करती है और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात, प्रौद्योगिकी, रोजगार और टिकाऊ औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करती है। निवेशकों को उनके प्रोजेक्ट्स के दौरान स्पष्ट नीतियां, तुरंत फैसले और पूर्ण सहयोग मिलना चाहिए।”

 

उन्होंने बताया, “पंजाब ने वन-ऑफिस, वन पोर्टल, ‘सिंगल विंडो-सिंगल पेन’ और सिंगल-पॉइंट रिस्पांसिबिलिटी की एक विशिष्ट प्रणाली स्थापित की है। ‘इन्वेस्ट पंजाब’ शुरुआत से लेकर मंजूरियों, निर्माण, उत्पादन और भविष्य के विस्तार तक निवेशकों के लिए संपर्क का एकमात्र केंद्र के रूप में काम करता है। ‘फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल’ के माध्यम से निवेशक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, फीस का भुगतान कर सकते हैं और मंजूरियों की स्थिति देख सकते हैं। यह पोर्टल 200 से अधिक कारोबारी सेवाएं और लगभग 50 मुख्य रेगुलेटरी मंजूरियां प्रदान करता है।”

 

कारोबार करने की आसानी पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मंजूरियां निर्धारित समय में दी जाती हैं और आवेदनों पर अधिकतम 45 कार्यदिवसों के अंदर फैसला किया जाता है। जहां कहीं ‘सिंगल विंडो-सिंगल पेन’ सिस्टम लागू होता है, वहां ऑटो-डीम्ड मंजूरी का प्रावधान होता है। हमारा उद्देश्य अनावश्यक देरी को समाप्त करना और प्रशासन को पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाना है। पंजाब पहले ही लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित कर चुका है, जिससे लगभग छह लाख लोगों के लिए रोजगार पैदा होगा। यह निवेश उद्योगपतियों के पंजाब के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है और पंजाब भी उद्योगों के साथ मजबूती से खड़ा है।”

 

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