पंजाब

लुधियाना में टारगेट शूटिंग की संभावित कोशिशें नाकाम; आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े दो आरोपी 3 पिस्तौल सहित काबू

चंडीगढ़/लुधियाना, 18 मई:

पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए जारी अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) पंजाब के साथ संयुक्त ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए इसके दो सदस्यों को तीन अवैध पिस्तौलों— जिनमें दो .30 बोर और एक .315 बोर पिस्तौल शामिल हैं— तथा 11 जिंदा कारतूसों सहित गिरफ्तार किया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।

गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान अनुराज उर्फ गौरव मसीह और अंकुश के रूप में हुई है, जो दोनों फिल्लौर, जालंधर के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपी अंकुश एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले थाना गोराया में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। हथियार बरामद करने के अलावा, पुलिस टीमों ने आरोपियों का बजाज सीटी 100 मोटरसाइकिल (बिना रजिस्ट्रेशन नंबर) भी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल वे आपराधिक गतिविधियों के लिए कर रहे थे।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी जर्मनी और दुबई, यूएई से संचालित विदेशी हैंडलरों के निर्देशों पर काम कर रहे थे और उन्हें हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों की टारगेट शूटिंग का जिम्मा सौंपा गया था। उन्होंने कहा कि आरोपियों की समय रहते गिरफ्तारी से संभावित आपराधिक गतिविधियों को सफलतापूर्वक टाल दिया गया है।

डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क के आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए आगे जांच की जा रही है, ताकि इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा सके।

कार्रवाई संबंधी विवरण साझा करते हुए पुलिस कमिश्नर (सीपी) लुधियाना स्वप्न शर्मा ने कहा कि सीआईए स्टाफ और काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना की संयुक्त पुलिस पार्टी ने थाना लाडोवाल के अधिकार क्षेत्र में नाका लगाया था। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम को खुफिया सूचना मिली थी कि दो हथियारबंद व्यक्ति हार्डीज वर्ल्ड के पास खड़े हैं, जो किसी सनसनीखेज आपराधिक घटना को अंजाम देने की कोशिश में हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए रेड की और दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए सदस्यों ने अपने कामकाज के बारे में खुलासे किए और बताया कि वे विदेश आधारित हैंडलरों द्वारा संचालित एक संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि विदेशी हैंडलरों ने अपने नेटवर्क के जरिए इन सदस्यों को हाई-ग्रेड हथियार सप्लाई करवाए और उन्हें हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों की टारगेट शूटिंग का काम सौंपा गया था।

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