फर्जी खबर हटाने के बदले पैसे मांगने वाला यूट्यूब चैनल संचालक गिरफ्तार
पंचकूला | 17 जुलाई 2025 : हरियाणा की राजनीति और मीडिया जगत में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक यूट्यूब चैनल के संचालक को झूठी खबर चलाने और उसे हटाने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर तेजी से तूल पकड़ लिया है और फेक न्यूज के जरिए ब्लैकमेलिंग की खतरनाक हकीकत को उजागर कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के निजी सहायक (PA) दीपक कौशिक ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके खिलाफ ‘के-9 मीडिया’ नामक फेसबुक चैनल ने एक झूठी और भ्रामक खबर चलाई है। खबर में यह दावा किया गया था कि दीपक ने चंडीगढ़ की एक कोठी में महिला सफाई कर्मचारी के साथ छेड़छाड़ की।
जबकि सच्चाई यह है कि दीपक ने कर्मचारी को सिर्फ सफाई ढंग से न करने पर टोका था। खुद महिला सफाईकर्मी ने एक वीडियो जारी कर साफ इनकार किया कि कोई छेड़छाड़ हुई हो।
पैसे लेकर खबर हटाने की कोशिश
जैसे ही यह मामला मंत्री के पी.आर.ओ लवेश शर्मा तक पहुंचा, उन्होंने चैनल के संचालक अरुण कुमार से संपर्क किया। अरुण ने खुलकर पैसे मांगने की बात कही और कहा कि रकम मिलने पर ही वह झूठी खबर हटाएगा। इसके बाद मंत्री कार्यालय से जुड़े अनिल शर्मा को भी इसमें घसीटा गया।
पुलिस की कार्रवाई और जब्त रकम
मामले की शिकायत 10 जुलाई को दर्ज की गई, जिसके बाद 16 जुलाई को अरुण कुमार को गोहाना से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके से 1 लाख रुपये नकद बरामद किए, जो गवाह सचिन के माध्यम से आरोपी तक पहुंचाए गए थे।
साथ ही दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल खबर अपलोड करने में किया गया था।
और चैनलों की हो रही जांच
फर्जी खबर केवल ‘के-9 मीडिया’ तक सीमित नहीं रही। यह वीडियो ‘खरी-खरी न्यूज’ और ‘सत्य खबर’ नामक फेसबुक चैनलों पर भी शेयर की गई। पुलिस इन चैनलों की भी डिजिटल जांच कर रही है और अगर कोई अन्य व्यक्ति या संगठन इसमें शामिल पाया गया तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी रहा है आरोपी विवादों में
गौर करने वाली बात यह है कि अरुण कुमार के खिलाफ पहले भी फर्जी खबर फैलाने का केस थाना गोहाना में दर्ज हो चुका है। यह उसकी दुहराई गई करतूत है, जिससे साफ होता है कि आरोपी पूर्व नियोजित तरीके से लोगों को ब्लैकमेल करता रहा है।






