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श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण के जयकारों से बघौला नगरी बनी वृंदावन

गांव बघौला में चल रही श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन बाल व्यास चिरंजीव गोपाल भारद्वाज ने सृष्टि कैसे रची, सुंदर वर्णन करते हुए श्रोताओं को ज्ञान की गंगा में डुबोए रखा। बाल व्यास की मधुर वाणी और भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।बाल व्यास ने कहा कि ध्रुव एक पुण्य आत्मा थे जिनकी ईश्वर में बहुत गहरी आस्था थी। ध्रुव के पिता का नाम उत्तानपाद और माता का सुनीति था। ध्रुव ने बचपन में ही राज्य प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की जिसके परिणामस्वरूप उसे पृथ्वी पर राज्य प्राप्त हुआ, वह राजा बना और फिर स्वर्ग में भी जगह मिली।






