इंडोनेशिया में भी चलेगा भारतीय यूपीआई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ऐलान किया कि भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम से जुड़ेगा। इससे भारतीय यात्रियों के लिए स्थानीय पेमेंट ऐप का इस्तेमाल करके इंडोनेशिया में भुगतान करना आसान हो जाएगा। इससे इंडोनेशिया जाने वाले भारतीयों के लिए नोट बदलने का झंझट खत्म होगा। जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, हमें खुशी है कि भारत का यूपीआई इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम के साथ जुडऩे जा रहा है। इससे कारोबार करने और यात्रा करने, दोनों में आसानी होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया टेक्नोलॉजी और रणनीतिक उद्योगों में सहयोग को मजबूत कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के दौर में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आपूर्ति शृंखला की मजबूती बहुत अहम है। अहम मिनरल्स और स्टील सेक्टर में आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत करने के लिए भी एक अहम समझौता हुआ है। पीएम मोदी ने बताया कि स्टेनलेस स्टील और रेयर-अर्थ मैग्नेट को लेकर हमारी कंपनियों के बीच नई साझेदारियां बन रही हैं। मंगलवार को हुए लगभग एक दर्जन समझौतों में भारत और इंडोनेशिया ने समुद्री सुरक्षा और सहयोग के लिए एक फ्रेंमवर्क को भी अंतिम रूप दिया।
अब 10 देशों में यूपीआई की सर्विस
भारत के यूपीआई की सर्विस अब 10 देशों में पहुंच चुकी है। इनमें इंडोनेशिया के साथ सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, मॉरीशस, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और नेपाल शामिल हैं। यानी भारतीय यात्री अब बिना किसी परेशानी के इन 10 देशों में यूपीआई ऐप्स से पेमेंट कर सकते हैं।
हवाई यात्रियों की संख्या मई में 1.53 करोड़ के रिकॉर्ड पर
नई दिल्ली। घरेलू विमान सेवा कंपनियों की उड़ानों में यात्रियों की संख्या मई में नौ प्रतिशत से ज्यादा बढक़र 1.53 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मई में घरेलू एयरलाइंस की उड़ानों में एक करोड़ 53 लाख 90 हजार यात्रियों ने सफर किया। यह संख्या पिछले साल मई की तुलना में 9.49 फीसदी अधिक है। यह अब तक किसी एक महीने में यात्रियों की सबसे अधिक संख्या है। इससे पहले जनवरी में एक करोड़ 52 लाख 49 हजार लोगों ने हवाई यात्रा की थी। जनवरी से मई तक कुल यात्रियों की संख्या 1.91 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सात करोड़ 29 लाख 40 हजार हो गई है।






