
अमरीका और ईरान के बीच फिर से तनाव बढऩे के कारण ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने और ईधनों की कीमतों में उछाल आने का खतरा मंडराने लगा है। बड़ी तेल कंपनियों ने दोनों के बीच फिर से शुरू हुई दुश्मनी से दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति कम होने और इनकी कीमतों में वृद्धि होने को लेकर चेतावनी जारी की है। इटली की बड़ी ऊर्जा कंपनी ईएनआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्लाउडियो डेस्काल्•ाी ने कहा कि दुनिया भर में तेल का भंडार कम होने और ऊर्जा स्रोतों के लिए बढ़ती होड़ के बीच हालात कुछ समय के लिए और खराब हो सकते हैं। श्री डेस्काल्जी ने कहा कि हम सभी को लगा था कि अमरीका और ईरान ने संघर्ष का समाधान खोज लिया है। उन्होंने कहा कि वास्तव में, युद्ध का दोबारा शुरू होना एक ऐसी घटना थी, जिसकी आशंका पहले से ही जताई जा रही थी। गौरतलब है कि खाड़ी संघर्ष शुरू होने के बाद से वैश्विक तेल भंडार औसतन 38 लाख बैरल प्रतिदिन की दर से घट रहा है।
मई में यह गिरावट बढक़र 46 लाख बैरल प्रतिदिन हो गई। एशियाई खरीददारों के दोबारा बाजार में लौटने के साथ ही ऊर्जा संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है। इटली को छोडक़र यूरोप में गैस भंडारण क्षमता फिलहाल करीब 47 प्रतिशत ही भरी है, जो निर्धारित 80 प्रतिशत लक्ष्य से काफी कम है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए यूरोपीय देशों को अतिरिक्त 35 अरब घन मीटर गैस की आवश्यकता होगी। श्री डेस्काल्जी ने कहा कि सर्दियों से पहले गैस भंडारण केंद्रों को भरने के लिए यूरोपीय देशों को लगभग 35 अरब घन मीटर गैस की व्यवस्था करनी होगी। ये आशंका ऐसे समय में जताई गई है, जब 60 दिन के संघर्षविराम खत्म होने से पहले ही अमरीका और ईरान एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं और होर्मु•ा जलडमरूमध्य को ईरान ने अब बंद कर दिया है। इस मार्ग से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी गु•ारता है।






