हरियाणा
निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में 70 से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं ने स्वास्थ्य जांच का उठाया लाभ

कुरुक्षेत्र, 6 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में महिला अध्ययन शोध केंद्र द्वारा भारत विकास परिषद मैत्रेयी शाखा के सहयोग से रविवार को गांव बाहरी मोहल्ला में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता प्रदान करना तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. आशीष अनेजा एवं उनकी टीम ने महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की। शिविर में हड्डियों के घनत्व (बोन डेंसिटी), रक्तचाप (बीपी), रक्त शर्करा (शुगर), कैल्शियम स्तर, नसों की संवेदनशीलता तथा श्वास संबंधी रोगों की जांच की गई। डॉ. आशीष अनेजा ने उपस्थित महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण परामर्श देते हुए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम तथा विभिन्न रोगों की रोकथाम एवं प्रबंधन के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने से कई गंभीर बीमारियों का प्रारंभिक स्तर पर ही पता लगाया जा सकता है, जिससे उनका प्रभावी उपचार संभव हो पाता है।
शिविर में 70 से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं ने स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में डॉ. ममता सचदेवा, महिला अध्ययन शोध केंद्र की निदेशिका डॉ. वनिता ढींगरा, डॉ. नीलम ढांडा, डॉ. अनीता भटनागर, डॉ. सुनीता सिरोहा, डॉ. वंदना दवे तथा डॉ. कृष्णा देवी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने महिलाओं के स्वास्थ्य एवं जागरूकता के लिए इस प्रकार के जनहितकारी आयोजनों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. आशीष अनेजा एवं उनकी टीम ने महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की। शिविर में हड्डियों के घनत्व (बोन डेंसिटी), रक्तचाप (बीपी), रक्त शर्करा (शुगर), कैल्शियम स्तर, नसों की संवेदनशीलता तथा श्वास संबंधी रोगों की जांच की गई। डॉ. आशीष अनेजा ने उपस्थित महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण परामर्श देते हुए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम तथा विभिन्न रोगों की रोकथाम एवं प्रबंधन के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने से कई गंभीर बीमारियों का प्रारंभिक स्तर पर ही पता लगाया जा सकता है, जिससे उनका प्रभावी उपचार संभव हो पाता है।
शिविर में 70 से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं ने स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में डॉ. ममता सचदेवा, महिला अध्ययन शोध केंद्र की निदेशिका डॉ. वनिता ढींगरा, डॉ. नीलम ढांडा, डॉ. अनीता भटनागर, डॉ. सुनीता सिरोहा, डॉ. वंदना दवे तथा डॉ. कृष्णा देवी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने महिलाओं के स्वास्थ्य एवं जागरूकता के लिए इस प्रकार के जनहितकारी आयोजनों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।






