मनोरंजन

‘सत्यप्रेम की कथा’ के तीन साल पूरे, कार्तिक आर्यन की फिल्मों ने सामाजिक मुद्दों को दी नई पहचान

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसी फिल्मों का चयन किया है, जिन्होंने मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी मुख्यधारा के सिनेमा में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी फिल्में बदलते सामाजिक मूल्यों, रिश्तों, लैंगिक समानता, पहचान और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर चर्चा को आगे बढ़ाती रही हैं।फिल्म ‘सत्यप्रेम की कथा’ के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनकी उन फिल्मों की चर्चा हो रही है, जिन्होंने सामाजिक मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर उतारा।

वर्ष 2013 में प्रदर्शित ‘आकाश वाणी’ ने वैवाहिक उत्पीड़न, वैवाहिक बलात्कार, मानसिक प्रताड़ना और महिलाओं की स्वतंत्रता जैसे गंभीर विषयों को उठाया। करियर के शुरुआती दौर में इस तरह की संवेदनशील फिल्म का चयन कर कार्तिक ने अलग सोच का परिचय दिया। वर्ष 2019 में रिलीज़ ‘लुका छुपी’ ने लिव-इन रिलेशनशिप को छोटे शहर की पृष्ठभूमि में हास्य और पारिवारिक अंदाज़ के साथ प्रस्तुत किया। फिल्म ने शादी और रिश्तों को लेकर पारंपरिक सामाजिक सोच पर सवाल उठाने के साथ नई पीढ़ी की बदलती मानसिकता को भी दर्शाया।

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