चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामा, पांच पार्षदों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर योगेश ढींगरा सदन से निलंबित

चंडीगढ़ नगर निगम की मंगलवार को हुई जनरल हाउस बैठक में आम आदमी पार्टी के पार्षद और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता योगेश ढींगरा द्वारा पांच पार्षदों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा पार्षदों ने ढींगरा से उनके आरोपों के सबूत सदन में पेश करने को कहा। इसके बाद भाजपा पार्षद गुरबख्श रावत ने ढींगरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया। बाद में मेयर सौरभ जोशी ने ढींगरा को सदन से निलंबित करने का प्रस्ताव वोटिंग के लिए रखा। भाजपा पार्षदों ने हाथ उठाकर प्रस्ताव का समर्थन किया और ढींगरा को सदन से निलंबित कर दिया गया। बैठक शुरू होते ही भाजपा पार्षदों ने ढींगरा की ओर से पिछले दिनों की गई पत्रकार वार्ता का मुद्दा उठाया। इसमें उन्होंने पांच पार्षदों पर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए थे। मेयर सौरभ जोशी ने ढींगरा से आरोपों को लेकर जवाब मांगा और उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए करीब आधे घंटे का समय दिया। वहीं, मेयर ने ढींगरा की पत्रकार वार्ता की रिकॉर्डिंग भी सदन में चलवाई।
इसके बाद उनसे कहा गया कि जिन पार्षदों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके नाम और आरोपों से जुड़े प्रमाण सदन के सामने रखे जाएं। मेयर की ओर से कहा गया कि केवल आरोप लगाने से बात स्पष्ट नहीं होती। यदि किसी पार्षद के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित कोई प्रमाण है तो उसे सदन में रखा जाना चाहिए। इसके जवाब में योगेश ढींगरा ने आम आदमी पार्टी की ओर से डीजीपी को दी गई शिकायत सदन में पढक़र सुनाई। उन्होंने भाजपा नेता देविंदर बबला से जुड़ी एक ऑडियो का भी जिक्र किया। इसी दौरान उन्होंने भाजपा पार्षद गुरबख्श रावत और उनके पति का नाम भी लिया। हालांकि, सदन में ढींगरा पत्रकार वार्ता में लगाए गए सभी आरोपों और पांचों पार्षदों के खिलाफ संबंधित प्रमाण पेश नहीं कर सके। इसके बाद भाजपा पार्षदों ने कहा कि सार्वजनिक रूप से निर्वाचित प्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, इसलिए उनके समर्थन में प्रमाण भी सदन में रखे जाने चाहिए। भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि ढींगरा ने पार्षदों और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए, लेकिन सदन में उनके समर्थन में ठोस प्रमाण पेश नहीं किए गए। मेयर ने भी ढींगरा से कहा कि यदि किसी पार्षद के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं तो सदन में उनके नाम और आरोपों से संबंधित तथ्य स्पष्ट किए जाएं।






