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करुणामूलकों के लिए नई नीति तैयार, एक-दो दिन में होगी अधिसूचित

अधिक आय के कारण सरकारी नौकरी से अब तक महरूम अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार ने नई नीति बना ली है। एक-दो दिन के भीतर राज्य सरकार नीति को अधिसूचित कर देगी। हिमाचल विधानसभा की बुधवार को शिमला में हुई याचिका समिति के समक्ष पेश हुए शिक्षा सचिव ने मौखिक साक्ष्य के दौरान यह जानकारी सभापति के समक्ष दी है। शिक्षा सचिव ने कहा कि अधिक आय की वजह से जिन करुणामूलक अभ्यर्थियों के आवेदन विभागों द्वारा रद्द किए गए हैं, उनके लिए सरकार द्वारा हाल ही में एक नई नीति अनुमोदित की गई है जिसे एक या दो दिनों के भीतर अधिसूचित किया जाएगा।

इन अभ्यर्थियों को पुन: एक महीने के भीतर अपने – अपने विभागों में आवेदन करने के लिए समिति अधिकारी को उन्हें शीघ्र सूचित करने के दिशा-निर्देश दिए, ताकि ऐसे सभी अभ्यर्थी जिनका आय सीमा के कारण आवेदन रद्द हुआ है समय रहते नई नीति का लाभ उठा सकें। जानकारी के अनुसार बुधवार को विधानसभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में याचिका समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा स्पीकर एवं समिति के सभापति कुलदीप सिंह पठानिया ने की, जबकि समिति सदस्य विधायक चंद्रशेखर भी मौजूद रहे। बैठक के संचालन के दौरान विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा ने प्रस्तावित याचिकाओं को विषय एवं मद वार समिति के समक्ष रखा जिस पर समिति ने अलग-अलग विषय पर सुनवाई की तथा दिशानिर्देश दिए।

मौके पर निपटाई शिकायतें

बैठक में समिति ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की तीन तथा कार्मिक विभाग की एक याचिका पर सचिव स्वास्थ्य विभाग का मौखिक साक्ष्य लिया तथा सभी याचिकाओं के शीघ्र निपटारे के दिशानिर्देश दिए गए, जबकि शिक्षा विभाग की कुल आठ याचिकाओं पर समिति द्वारा सुनवाई की गई, जिस पर मौखिक साक्ष्य के दौरान सचिव शिक्षा विभाग द्वारा समिति को याचिकाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत करवाया गया। समिति ने शिक्षा विभाग की आठ में से छह याचिकाओं के पुन परीक्षण करने के आदेश दिए। जबकि एक मामला उच्च न्यायालय के अधीन विचाराधीन होने के कारण व एक अन्य मामले में विभाग से उत्तर अपेक्षित होने के एवज में उन्हें लंबित रखा गया है। समिति ने विद्युत बोर्ड से संबंधित छह याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सचिव विद्युत का मौखिक साक्ष्य लिया।

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