CBSE का फैसला, तीसरी भाषा में नहीं होगी बोर्ड परीक्षा, नौवीं में पढ़ रहे छात्रों को भी एक बार की छूट

सीबीएसई ने सोमवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की। बोर्ड ने साफ किया है कि मौजूदा 10वीं के छात्रों पर थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू नहीं होगी। वहीं, अभी सातवीं,आठवीं और नौवीं में पढ़ रहे छात्रों को 10वीं में पहुंचने पर तीसरी भाषा का बोर्ड एग्जाम नहीं देना होगा। सीबीएसई की अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम सिंह ने बताया कि 2026-27 में पहले से नौवीं में पढ़ रहे छात्रों को एक बार की छूट भी दी है। ऐसे छात्र दो विदेशी (गैर-भारतीय) भाषाएं पढऩा जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें तीसरी भाषा के रूप में एक भारतीय भाषा जोडऩी होगी। इस तीसरी भाषा का मूल्यांकन स्कूल करेगा और 10वीं बोर्ड परीक्षा में इसका पेपर नहीं होगा।
इससे पहले बोर्ड ने कहा था कि विदेशी भाषा तभी चुनी जा सकेगी, जब छात्र दो भारतीय भाषाएं पढ़ें या उसे चौथी अतिरिक्त भाषा के रूप में लें। सीबीएसई ने कहा कि 2026-27 में छठी में पढऩे वाले छात्रों और उसके बाद के सभी बैचों के लिए तीन भाषाएं अनिवार्य होंगी। इनमें दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी होगा। यही छात्र जब 10वीं में पहुंचेंगे, तब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा भी देंगे। बोर्ड ने यह भी कहा कि जो छात्र किसी दूसरे राज्य में पढ़ाई के लिए जाएंगे, वे मिडल स्टेज से लेकर नौवीं तक अपनी मौजूदा तीसरी भाषा जारी रख सकेंगे।






