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कोरोना के बाद फिर से आई तेजी:Executive MBA

बिजनेस की दुनिया में जहां काफी उथल-पुथल है और बड़े बदलाव हो रहे हैं, वहीं एग्जीक्यूटिव मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (ईएमबीए) की डिग्री मिड-करियर प्रोफेशनल्स को वह नॉलेज, स्किल्स और प्रैक्टिकल अप्रोच देने के लिए तैयार है, जिसकी उन्हें अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए जरूरत है। ईएमबीए ग्रेजुएट्स आज के वर्कप्लेस में स्ट्रैटेजिक लीडर के तौर पर अपनी काबिलियत साबित कर रहे हैं, जो नए एकेडमिक कॉन्सेप्ट्स को अपने काम के अनुभव के साथ मिलाकर काम करते हैं। आजकल कंपनियां वर्क एक्सपीरियंस के साथ मैनेजेरियल स्किल्स पर भी काफी ध्यान देती हैं। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए विद्यार्थियों के पास कई विकल्प मौजूद हैं…

कोरोना के बाद फिर से आई तेजी

वर्किंग प्रोफेशनल्स महामारी के बाद एक नए मकसद और करियर के बारे में सोचने के दौरान अपस्किलिंग की इच्छा के साथ उभरे हैं। एएसीएसबी बिजनेस स्कूलों के डाटा के अनुसार, 2021-22 में ईएमबीए प्रोग्राम्स में एडमिशन में बढ़ोतरी देखी गई, जिसका कारण बदलते जॉब की जरूरतों को पूरा करने के लिए नए स्किल्स डिवेलप करने की जरूरत हो सकती है। हालांकि, तब से एडमिशन स्टेबल हो गए हैं, लेकिन वे कोरोना से पहले के लेवल से ऊपर बने हुए हैं, जो पढ़ाई के साथ काम करने के लगातार महत्व को दिखाता है।

आगे की सोच

साल 2026 चल रहा है और भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। हालांकि, ईएमबीए ग्रेजुएट्स बदलते बिजनेस हालात पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं। लगातार रोजगार, ग्लोबल एक्सपोजर, मजबूत प्रोफेशनल नेटवर्क, तुरंत लागू होने वाली सीख और उभरती टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ाव के कॉम्बिनेशन ने ईएमबीए प्रोग्राम की अपील को मजबूत किया है। हालांकि, लीडिंग प्रोग्राम में जगहों के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ सकता है, लेकिन क्वालीफिकेशन में दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। ऐसे दौर में जहां अनुकूलन क्षमता और आजीवन सीखना तेजी से महत्त्वपूर्ण हो रहा है, ईएमबीए अनुभवी प्रोफेशनल्स को अपने करियर में आगे बढ़ते हुए अपनी क्षमताओं को डिवेलप करने का मौका देता है।

जेंडर गैप की चुनौती का सामना करना

सीनियर मैनेजमेंट पदों और ईएमबीए क्लासरूम में महिलाओं की संख्या अभी भी कम है। रिसर्च से पता चलता है कि 2023-24 में ईएमबीए एडमिशन में महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 34 प्रतिशत थी। यह गैप उन एजुकेशनल संस्थानों और एम्प्लॉयर्स के लिए एक मौका है, जो लीडरशिप में विविधता को मजबूत करना चाहते हैं, जो ईएमबीए प्रोग्राम महिलाओं को आकर्षित करते हैं और उनका समर्थन करते हैं, उन्हें फायदा हो सकता है, खासकर जब वे प्रोफेशनल और पर्सनल जिम्मेदारियों को बैलेंस करने में मदद करने के लिए ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देते हैं।

एआई इंटीग्रेशन की आवश्यकता

जैसे-जैसे जेनरेटिव एआई बिजनेस प्रोसेस को बदल रहा है, मैनेजर्स को मौकों को पहचानने, बदलावों को मैनेज करने और नई टेक्नोलॉजी को लागू करने के लिए स्किल्स की जरूरत है। कई ईएमबीए प्रोग्राम अपने करिकुलम में जेनरेटिव ईएमबीए को इंटीग्रेट कर रहे हैं। दोनों ही तरह से- डेडिकेटेड कोर्स के जरिए और कोर बिजनेस सब्जेक्ट्स में एक थीम के तौर पर। ईएमबीए स्टूडेंट्स इन बदलावों को लीड करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं, क्योंकि वे अपनी रोजमर्रा के प्रोफेशनल रोल में इन बदलावों को समझते हुए नई स्किल्स डिवेलप करते हैं। प्रभावी एआई अपनाने के लिए स्ट्रेटेजिक विजन की जरूरत होती है, खासकर यह पहचानने में कि ऐसे टूल्स ऑर्गनाइजेशनल प्रोसेस में कहां वैल्यू जोड़ सकते हैं।

नेटवर्क बनाने की जरूरत

अकसर कहा जाता है कि आपका नेटवर्क ही आपकी नेट वर्थ है। ईएमबीए प्रोग्राम अनुभवी फैकल्टी, गेस्ट स्पीकर और अलग-अलग एकेडमिक और इंडस्ट्री बैकग्राउंड के वर्किंग प्रोफेशनल्स को एक साथ लाते हैं, प्रोग्राम के दौरान भी और ग्रेजुएशन के बाद एलुमनाई नेटवर्क के जरिए भी। ये कनेक्शन प्रोफेशनल सपोर्ट नेटवर्क, पार्टनरशिप, करियर के मौके और एंटरप्रेन्योरियल वेंचर को जन्म दे सकते हैं। ईएमबीए के दौरान पूरे किए गए एप्लाइड प्रोजेक्ट्स भी स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल, असल दुनिया की सेटिंग्स में अपनी सीख दिखाने का मौका देते हैं।

ग्लोबल एजुकेशन में बदलाव

ऑनलाइन प्रोग्राम्स को विश्वसनीयता और पहचान मिल रही है, जिससे स्टूडेंट्स अलग-अलग जगहों से पढ़ाई कर सकते हैं, जिसमें काम के लिए यात्रा करते समय या दूरदराज के इलाकों से भी पढ़ाई करना शामिल है। टेक्नोलॉजी में तरक्की ने यह सुनिश्चित किया है कि एकेडमिक सख्ती बनी रहे, जबकि फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाई जाए। इससे स्टूडेंट्स का एक ज्यादा डायवर्स ग्रुप एक-दूसरे से बातचीत करने और सीखने में सक्षम हुआ है। अलग-अलग कल्चर के नजरिए पर खुलकर चर्चा की जा सकती है और एकेडमिक थ्योरी को अलग-अलग संदर्भों में टेस्ट किया जा सकता है। कई प्रोग्राम अब हाइब्रिड मॉडल पेश कर रहे हैं, जिसमें खास कोर्स अलग-अलग देशों में इंटेंसिव फेस-टू-फेस सेशन के जरिए दिए जाते हैं, जो एक इमर्सिव ग्लोबल बिजनेस अनुभव प्रदान करते हैं। वेस्ट के बिजनेस स्कूल कम्बाइंड प्रोग्राम डिवेलप करने के लिए एशियाई संस्थानों के साथ तेजी से पार्टनरशिप कर रहे हैं, जिससे स्टूडेंट्स न केवल ग्लोबल बिजनेस तरीकों के बारे में सीख सकें, बल्कि उनका सीधे अनुभव भी कर सकें।

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