हरियाणा

उर्दू भाषा के अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए केयू में प्रवेश शुरू, 28 जुलाई 2026 तक कर सकते हैं आनलाइन आवेदन

कुरुक्षेत्र, 23 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में कला एवं भाषा संकाय द्वारा उर्दू भाषा के संरक्षण, संवर्धन और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सर्टिफिकेट कोर्स इन उर्दू तथा डिप्लोमा इन उर्दू के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। ये दोनों पाठ्यक्रम सायंकालीन (इवनिंग) कक्षाओं के रूप में संचालित किए जाएंगे, जिससे नियमित अध्ययन या नौकरी करने वाले विद्यार्थी भी आसानी से इनमें प्रवेश ले सकेंगे।
कला एवं भाषा संकाय की डीन प्रो. सुनीता सिरोहा ने बताया कि उर्दू सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का दसवीं कक्षा अथवा समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। उर्दू डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का उर्दू सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम अथवा समकक्ष योग्यता उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से उर्दू भाषा, साहित्य, लेखन, अनुवाद तथा संचार कौशल का विकास किया जाता है। पाठ्यक्रम पूर्ण करने के उपरांत शिक्षा, पत्रकारिता, अनुवाद, प्रकाशन एवं डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि प्रवेश के लिए सीटें सीमित हैं। सर्टिफिकेट कोर्स में 20 तथा डिप्लोमा कोर्स में 10 सीटें उपलब्ध हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 28 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

बीएफए एवं बीएफए (ड्राइंग) प्रवेश परीक्षा में 647 अभ्यर्थी हुए शामिल
कुरुक्षेत्र, 23 जून। 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आयोजित बीएफए एवं बीएफए (ड्राइंग) पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा मंगलवार को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि परीक्षा के लिए कुल 1136 अभ्यर्थियों को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आवंटित किया गया था, जिनमें से 647 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 479 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि बीएफए पाठ्यक्रम के लिए तीन परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर कुल 568 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे, जिनमें से 339 ने परीक्षा दी तथा 229 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं बीएफए (ड्राइंग) प्रवेश परीक्षा के लिए दो केंद्रों पर कुल 568 अभ्यर्थियों को आवंटित किया गया था। इनमें से 308 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए, जबकि 250 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा सुचारु एवं निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न हुई तथा अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।

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